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विपदा की इस घड़ी में कैसे पूजें अष्टमी-नवमी: अंचल अरजरिया

@आकाश कुलश्रेष्ठ, झाँसी

सभी आम जनमानस से अनुरोध है की विपदा की इस घड़ी को देेखते हुए अष्टमी के दिन अर्थात 1 अप्रैल को रात्रि ठीक 7:30 बजे अपनी-अपनी छतों पर आठ दीपक जलाएं व मां की आरती करने के बाद इस देश के लोगों को कोरोना से लड़ने की शक्ति प्रदान करें ऐसी प्रार्थना मां से करें।

साथ ही इस देश से एवं संपूर्ण विश्व से इस महामारी का अंत हो ऐसा प्रार्थना मां जगत जननी शीतला माई से करें निश्चय ही हम सभी कोरोना को हराने में सफल होंगे क्योंकि संसार की हर समस्या का समाधान सनातन संस्कृति में ही है। इसके साथ ही रामनवमी के दिन दिनांक 2 अप्रैल को अपनी-अपनी छतों पर 9 दीपक जलाकर शाम को 7:00 बजे प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करें कि आपने इस संसार को राक्षसों से विहीन कर ऋषि मुनि देवताओं का रक्षण किया था इसी प्रकार इस कोरोना रूपी राक्षस को समाप्त कर हम सभी को पुनः एक बार माफ करते हुए जीवन दान देते हुए जीने की राह दिखाएं। 

संपूर्ण भारतवर्ष के हिंदू जनमानस ने इस देश की विपत्ति के समय में प्रधानमंत्री जी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों व सरकारी तंत्र की बात का क्षमता पालन करते हुए अपने मंदिरों तक के कपाट बंद किए हैं व भीड़भाड़ होने से रोका है, जिससे कोरोना थर्ड स्टेज में ना पहुंच पाए परंतु बड़े खेद का विषय है कि आज एक समुदाय विशेष के लोग इसको नहीं मान रहे हैं निजामुद्दीन में जिस प्रकार का कृत्य किया गया है उसमें निश्चित रूप से इस आयोजन को करने वाले लोगों को सत्य धाराओं में जेल में डालना चाहिए जिनके द्वारा संपूर्ण भारतवर्ष को इस महामारी में धकेलने का प्रयास किया गया है। 

झांसी में भी इसी प्रकार समुदाय विशेष के लोग नहीं मान रहे हैं आज ही अमर उजाला में शबे बरात के संबंध में जो 9 अप्रैल को है विज्ञप्ति छपी है प्रशासन से अनुरोध है इस प्रकार का कोई भी कृत्य जहां लोग भीड़ इकट्ठा हो ना होने दें ऐसा करने वाले आयोजकों के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्यवाही करते हुए जेल भेजने का कार्य करें धन्यवाद।

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